रेड मीट खाने से बढ़ रहा है कैंसर का खतरा – रिसर्च

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रेड मीट में वसा काफी मात्रा में होती है, जो मोटापे और उससे होने वाली बीमारियों का कारण हो सकती है। लेकिन शोध में यह भी पता चला है कि यह कैंसर का भी कारण हो सकता है। आजकल बहुत सारे लोग इस बिमारी का शिकार हो रहे है।

 

 

भारतीय मूल के अमेरिकी शोधकर्ता डॉ अजीत वर्की ने यह खोज की है कि, कैसे रेड मीट यानी लाल मांस के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसमें एक प्रकार का रसायन पाया जाता है जो शरीर को नुकसान पहुंचाता है, जो की इस खतरनाक बीमारी का कारण बन जाता है।

 

 

शोधकर्ताओं के मुताबिक 

 

 

शोध के मुताबिक रेड मीट (लाल मांस) में एनईयू5जीसी शुगर अणु होता है जो की मानव शरीर में नहीं पाया जाता। एनईयू5जीसी शुगर अणु , जैसी ही यह शरीर में पहुंचता है, प्रतिरोधी तंत्र इस पर हमला कर देता है, और इस वजह से शरीर में काफी जलन होती है। यह जलन ही ट्यूमर बनने का कारण बन जाती है। रेड मीट को स्तन, कोलेरक्टल, प्रोस्टेट, डिम्बग्रंथि और फेफड़ों के कैंसर होने का कारण माना जाता है।

 

  • रिसर्चकर्ताओं का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं कि आप रेड मीट खाना छोड़ दें लेकिन जो लोग बहुत ज्यादा इसका सेवन करते हैं वे इसकी मात्रा कम करें।

 

  • रेड मीट या बीफ खाने में भले ही बहुत अच्छा लगता हो , लेकिन यह स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव भी डालता है। अध्ययन और शोधों से पता चला है कि बीफ, गाय मांस, पोर्क, प्रासेस्ड मीट और लैम्ब के अधिक सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि ये कैंसर, डायबिटीज व अन्य खतरनाक बीमारियों के होने का कारण बन सकते हैं।

 

  • अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जानवरों से प्राप्त प्रोटीन का ज्यादा सेवन करना जानलेवा साबित हो सकता है। अमेरिकी शोधकर्ताओं के अनुसार, जानवरों से प्राप्त प्रोटीन का ज्यादा सेवन करने से समय से पहले मौत का खतरा बढ़़ सकता है।

 

  • वनस्पति से प्राप्त प्रोटीन के स्रोतों जैसे – ब्रेड, अनाज, पास्ता, फली, अखरोट आदि का सेवन करने से मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। रेड मीट का सेवन करना बहुत ही खतरनाक है। विशेषज्ञों ने बताया कि शराब और धूम्रपान का सेवन और शारीरिक निष्क्रियता वालों की स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाती है। इसलिए रेड मीट , शराब और धूम्रपान का सेवन अधिक मात्रा में ना करे।

 

 

बीफ (रेड मीट) खाने के क्या नकसान होते हैं

 

 

बीफ या रेड मीट खाना स्वास्थ्य के लिए है नुकसानदेह होता है। इससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है।

 

कैंसर का खतरा

 

  • आपको किसी भी चीज से कैंसर हो सकता है। यहां तक सूरज की रोशनी भी कैंसर का कारण हो सकता है।

 

  • हाल में ही , शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि कैसे रेड मीट यानी की लाल मांस का सेवन कैंसर के होने का कारण बनता है। रेड मीट खाने से शरीर में काफी जलन पैदा होती है। यह जलन ट्यूमर का कारण बन सकती है। इससे पहले भी रेड मीट को स्तन, कोलेरक्टल, प्रोस्टेट, डिम्बग्रंथि और फेफड़ों के कैंसर के लिए जिम्मेदार पाया गया है।

 

  • कुछ शोध में यह बात सामने आयी है कि जो लोग अधिक मात्रा में रेड मीट, संरक्षित मीट, नमक से संरक्षित मीट आदि का सेवन करते हैं, उन्हें पेट, कोलन, यूट्रेरस और प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा अधिक होता है।

 

 

डायबिटीज का खतरा

 

 

  • शोधकर्ताओं का मानना है की , रेड मीट में सैचुरेटेड फैट भरपूर मात्रा में होता है। जो कि शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इससे शरीर में मोटापा बढ़ने लगता है। और फिर यह मोटापा और कोलेस्ट्रॉल का मेल टाइप-2 डायबिटीज का कारण बनता है।

 

 

एक्जिमा

 

रेड मीट का सेवन करने से त्वचा के लिए कई तरह से नुकसानदायक हो सकता है। रेड मीट खाने से शरीर में कई तरह के विषैले पदार्थ जमा हो जाते है, जो त्वचा के कसाव को कम कर देते है साथ ही अंदर से उसकी कोशिकाओं को क्षति पहुंचाते है।

 

 

त्वचा को पहुँचता है नुकसान 

 

  • रेड मीट, खाने में बेहद लजीज लगता है लेकिन इसके सेवन से त्वचा पर दाने निकल सकते है और फिर ये लाल रंग में बदलने लगते हैं फिर इनमें खुजली होती रहती है। इसे एक्जिमा कहते है। इसमें फाइबर अधिक मात्रा में होता है जिससे खूबसूरत त्वचा पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

 

  • अधिक मात्रा में रेड मीट खाने से ,आपकी त्वचा से तेल निकलने लगता है और फिर पिंपल आदि होने लगते हैं। साथ ही इसके अधिक सेवन से कमर और पेट के इर्द-गिर्द चर्बी भी बढ़ती है।

 

स्वाद बढ़ाने या संरक्षण में सुधार करने के लिए सल्टिंग, क्यूरिंग, किण्वन, धुंए या अन्य प्रक्रियाओं के माध्यम से परिवर्तित किया जाता है , वह मनुष्यों में कैंसर का एक बड़ा कारण बन सकता हैं। यही नहीं, कई निष्कर्ष में यह भी पाया गया है कि जो लोग रेड मीट का ज्यादा सेवन करते हैं उनमे कैंसर के अलावा किडनी फेलियर, दिल की बीमारियां और डायवर्टिकुलिटिस जैसी बीमारियां होने का खतरा भी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए रेड मीट का सेवन करने से बचे, वरना रेड मीट से हो सकता है कैंसर का खतरा।

 

डॉक्टर्स का कहना हैं कि लोगों को पशु प्रोटीन की तुलना में संयंत्र प्रोटीन खाने पर विचार करना चाहिए, लेकिन अगर वह पशु प्रोटीन स्रोतों का सेवन करना ज्यादा पसंद करते है तो , उनके लिए रेड मीट की तुलना में मछली और चिकन बेहतर विकल्प हैं।


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