कीटो डायट से टाइप-2 डायबीटीज का खतरा बढ़ जाता है, स्टडी

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डायबिटीज (Diabetes)  ऐसी बीमारी है जिसकी चपेट में लगभग 80 प्रतिशत लोग घिर हुए हैं। डायबिटीज मुख्य 2 तरह की होती है। टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज। दोनों ही डायबिटीज के लक्षण, कारण और इलाज अलग अलग होते हैं। हाल ही के एक शोध में साफ हुआ है कि टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes)  के मरीजों के लिए कीटो डायट (Keto diet) सही नहीं है। जर्नल ऑफ फिजियॉलजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट की मानें तो कीटोजेनिक डायट जिसमें फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है, प्रोटीन की मात्रा सामान्य लेकिन कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बेहद कम होती है उसका सेवन करने से टाइप-2 डायबीटीज का खतरा बढ़ जाता है।

 

वैसे लोग जो वजन घटाने के लिए कीटो डायट फॉलो (Kito diat follow) करते हैं उनके लिए बुरी खबर है। जर्नल ऑफ फिजियॉलजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट की मानें तो कीटोजेनिक डायट जिसमें फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है, प्रोटीन की मात्रा सामान्य लेकिन कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) की मात्रा बेहद कम होती है उसका सेवन करने से टाइप-2 डायबीटीज का खतरा बढ़ जाता है।

 

क्या है कीटो डाइट

 

कीटो डाइट में कार्बोहाइड्रेट सबसे कम और हाई फैट डाइट ली जाती है, ताकि शरीर को कीटोसिस स्थिति में लाया जा सके। कीटोसिस शरीर की ऐसी मेटाबोलिक स्थिति है जिसमें शरीर ब्लड गुल्कोस (Glucose) की बजाय फैट के टुकड़ों को तोड़ कर एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करता है।

 

चूहों पर स्टडी में हुआ खुलासा

 

यूनिवर्सिटी चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल ज्यूरिक (University Children’s Hospital Zurich)  और ईटीएच ज्यूरिक ने साथ मिलकर चूहों पर एक स्टडी की जिसमें चूहों को 2 अलग-अलग तरह की डायट दी गई और उसके बाद उनका स्टैंडर्ड मेटाबॉलिक टेस्ट (Metabolic test) किया गया। स्पेशलाइज्ड तरीकों का इस्तेमाल कर अनुसंधानकर्ताओं ने इस बात की जांच करने की कोशिश की चूहों के शरीर में इंसुलिन ऐक्शन (Insulin action) के दौरान आंतरिक रूप से चीनी के उत्पादन का लिवर (liver) पर और टीशूज (Tissue) पर क्या असर पड़ा।

 

कीटो डायट का साइड इफेक्ट

अनुसंधानकर्ताओं की मानें तो कीटोजेनिक डायट का सबसे बड़ा साइड इफेक्ट यही है कि यह शरीर में ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने की प्रक्रिया में बाधा डालता है और शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin resistance) को बढ़ाता है। जब शरीर में लिवर इंसुलिन के सामान्य लेवल की तरफ प्रतिक्रिया देने में असमर्थ होता है तो इससे ब्लड शुगर (Blood sugar) बढ़ सकता है और टाइप-2 डायबीटीज का खतरा रहता है।

 

टाइप-2 डायबीटीज का खतरा

 

इस स्टडी की मेन ऑथर क्रिस्टियन वोल्फ्रम ने इस बारे में कहा, ‘डायबीटीज इन दिनों सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन गई है। वैसे तो कीटोजेनिक डायट को हेल्दी माना जाता है, हमारी स्टडी के नतीजे बताते हैं कि कीटो डायट का सेवन करने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है जिससे टाइप-2 डायबीटीज का खतरा रहता है।’


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