चक्कर और सिर चकराने के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय

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कभी कभी हमारी आँखों के सामने अँधेरा सा छा जाता है या बहुत देर बैठे रहने के बाद जब हम खड़े होते हैं तो कभी कभी हमे ऐसा महसूस होता है की हमारे आस पास सब घूम रहा है तब ऐसी परिस्थिति को चक्कर आना (Dizziness in Hindi) कहते हैं। इसमें हल्का, धुंधला, या थोड़ा सा असंतुलन की भावना होती है। यह हमारे उन अंगों को प्रभावित करता है जिससे हम सेन्स करते हैं जैसे आँखे, और कान और कभी कभी यह बेहोशी का कारण भी बन सकती है। चक्कर आना कोई बीमारी नहीं होती बल्कि यह कई सारी समस्याओं का लक्षण होता है। चक्कर आना वयस्कों में सबसे आम कारणों में से एक है जिसके लिए वो डॉक्टर के पास जाते हैं। अक्सर चक्कर आना या लगातार चक्कर आना आपके जीवन को काफी प्रभावित कर सकता है। लेकिन चक्कर आना शायद ही कभी जीवन को खतरनाक स्थिति का संकेत देता है। चक्कर आना का उपचार इसके कारण और आपके लक्षणों पर निर्भर करता है। इलाज आमतौर पर प्रभावी होते हैं, लेकिन यह समस्या दोबारा शुरू हो सकती है।

 

चक्कर आने  के लक्षण

 

अगर चक्कर आने को परिभाषित किया जाये तो यह स्थानिक धारणा और स्थिरता में एक हानि है। चक्कर आना, सर घूमने जैसा ही होता है परन्तु ये दोनों एक नहीं होते। बहुत बार चक्कर आने  को सर घूमना,प्रेसिंकोप, अस्थिरता और कभी कभी घुमरी या मूर्खता भी कहा जाता है। कभी कभी स्पिनिंग जैसे क्रियाओं में भाग लेने पर भी चक्कर आ जाते हैं। यहां हमने सर घूमना, अस्थिरता, प्रेसिंकोप, और गैर विशिष्ट डिज़्ज़िनेस को परिभाषित किया है जो इस प्रकार है-

 

  • चक्कर आना।

 

  • अस्थिर या असंतुलित होना।

 

  • गिरने का अहसास।

 

  • सिर घूमना।

 

  • जी मिचलाना या उल्टी।

 

  • पसीना आना।

 

  • कम सुनाई देना।

 

  • कान में आवाजें आना।

 

 

 चक्कर आने के कारण

 

चक्कर आने के सामान्य कारणों (Causes of Dizziness in Hindi) में माइग्रेन की बीमारी, दवाएं और अल्कोहल शामिल है। यह भीतरी कान में एक समस्या के कारण हो सकता है, जहां से हमारा संतुलन होता है। इसके अलावा प्रेगनेंसी के समय भी चक्कर आना  बहुत आम समस्या माना जाता है। इनके अलावा चक्कर आने  के कारणों को नीचे संक्षेप में बताया गया है। आइये जानते हैं किन कारणों की वजह से एक मनुष्य को चक्कर आ सकते हैं-

 

  • ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट

 

 

  • ब्लड की मात्रा में कमी

 

 

  • एनीमिया

 

  • हाइपोग्लाइसेमिया (कम ब्लड शुगर)

 

  • कान में इन्फेक्शन

 

  • निर्जलीकरण

 

  • तापघात

 

  • अत्यधिक व्यायाम

 

  • मोशन सिकनेस

 

चक्कर आने पर घरेलू उपचार

 

  • जैसा की ऊपर बताया जा चुका है चक्कर आने के वैसे तो कई कारण होते है लेकिन मुख्यत स्त्रियों में चक्कर आने के कारण खून की कमी, थाईराईड, बीपी लो होना होता है और पुरुषो में चक्कर आने का मुख्य कारण मानसिक तनाव, शरीर में अत्यधिक गर्मी, आँखों की कमजोरी आदि होता है जब तक चक्कर आने का सही कारण पता नहीं चलेगा तब तक उचित उपचार भी संभव नहीं हो सकता है परंतु फिर भी सामान्य समस्याओं जैसे गर्मी, कमजोरी, गैस आदि की वजह से आने वाले चक्कर के लिए हम कुछ घरेलू उपचार बता रहे है, उम्मीद है इनसे आपको लाभ जरुर होगा |

 

  • घी में 50 ग्राम मुनक्का हल्की आंच पर सेंककर स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर दिन में तीन बार में खाएं। इससे भी भी चक्कर आने की बीमारी से राहत मिलती है |

 

  • एक चम्मच तुलसी के रस में 2 काली मिर्च पीस कर मिला लें। सुबह-शाम इसका सेवन करें।

 

  • अगर आपको गर्मी की वजह से चक्कर आते है तो, गुठली रहित सूखा आंवला (Amla) और सूखा दानेदार धनिया दोनों को छह ग्राम की मात्रा में पीसकर रात को एक गिलास पानी में भिगो कर रख दें , सुबह इनको मसल कर छान लें फिर इसमें एक-दो चम्मच मिश्री पाउडर मिलाकर पिये | तीन चार दिन में चक्कर आना बंद हो जायेगा | यह चक्कर आने बीमारी में दवा की तरह काम करता है |

 

  • छिले हुए भीगे बादाम में मिस्री मिलाकर इसकी चटनी बनाकर कच्चे दूध में मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से भी गर्मी के कारण आने वाले चक्कर ठीक हो जाते है |

 

  • मालकांगनी तेल मलाई या मक्खन में मिलाकर खाने से दिमागी कमजोरी दूर होकर चक्कर आना ठीक हो जाता है |

 

  • तुलसी का रस, अदरक का रस और शहद मिलाकर पीने से चक्कर आने की बीमारी में लाभ मिलता हैं।

 

  • आंवला, गिलोय और जटामांसी 50-50 ग्राम की मात्रा में पीसकर किसी शीशी में रख लें और रोजाना तीन ग्राम (लगभग एक छोटा चम्मच ) पानी के साथ इसका सेवन करें |

 

  • चीनी और सूखा धनिया 2-2 चम्मच मिलाकर लें ।

 

  • एक कप गर्म पानी में लगभग 2 चम्मच नींबू का रस मिलाकर पीने से भी लाभ होता है।

 

  • 2 लौंग को 1 कप पानी में उबालकर पीने से चक्कर आना बंद होते हैं।

 

  • छोटी इलायची के काढ़े को गुड़ में मिलाकर सुबह-शाम पीने से बार-बार चक्कर आना बंद हो जाता है।

 

  • सौंफ को पीसकर सिर पर लगाने से गर्मी के कारण आनेवाले चक्कर और सिर दर्द ठीक हो जाते हैं। गर्मियों में चंदन घिस कर सर पर इसका लेप करने से भी गर्मियों में सिर चकराना बंद होता है |

 

  • स्त्रियों को विशेषतौर से सर्दियों में गाजर और चुकंदर के रस का सेवन जरुर करना चाहिए इससे रक्त की कमी और कई विटामिन की कमी दूर होती है |

 

  • 10 ग्राम आंवला, 3 ग्राम काली मिर्च और 10 ग्राम बताशे को पीस लें। 15 दिनों तक रोजाना इसका सेवन करें।

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